भारतीय शेयर बाजार के उत्साही लोगों के लिए एक बड़ी अपडेट! ज़ीरोधा, भारत के टॉप ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म, ने अपनी पॉपुलर काइट ट्रेडिंग ऐप और वेब प्लेटफॉर्म पर नया IPO लॉक-इन ट्रैकिंग फीचर लॉन्च किया है। जनवरी 2026 की शुरुआत में घोषित इस टूल की मदद से निवेशक आसानी से IPO लिस्टेड कंपनियों के आने वाले लॉक-इन पीरियड एक्सपायरी को ट्रैक कर सकते हैं, जो बढ़ते सेलिंग प्रेशर से स्टॉक प्राइस पर असर डाल सकता है।
यह फीचर ट्रेडर्स के लिए एक आम समस्या का समाधान करता है, जो पोस्ट-IPO इवेंट्स को ट्रैक करते हैं, और ज़ीरोधा काइट को सक्रिय निवेशकों के लिए और भी जरूरी बना देता है।
IPO लॉक-इन पीरियड क्या है? SEBI नियमों को समझें
इस नए फीचर में जाने से पहले, जानते हैं IPO लॉक-इन पीरियड क्या है। SEBI गाइडलाइंस के अनुसार, आईपीओ के बाद कुछ शेयरहोल्डर्स को अपनी शेयर्स तुरंत बेचने से रोकने के लिए लॉक-इन पीरियड लागू होता है। इससे अचानक बिकवाली से स्टॉक प्राइस में अस्थिरता नहीं आती।
SEBI ICDR रेगुलेशंस के मुख्य लॉक-इन पीरियड:
- प्रमोटर्स: न्यूनतम योगदान के लिए आमतौर पर 18 महीने।
- प्री-IPO निवेशक (नॉन-प्रमोटर्स, जैसे प्राइवेट इक्विटी): अलॉटमेंट डेट से 6 महीने।
- एंकर निवेशक: 30-90 दिन।
- ESOP होल्डर्स और अनलिस्टेड शेयरहोल्डर्स: अलग-अलग, अक्सर प्री-IPO में खरीदे तो 6 महीने।
उद्देश्य? रिटेल निवेशकों की सुरक्षा, ताकि नई लिस्टेड स्टॉक्स में स्थिरता बनी रहे। लॉक-इन खत्म होने पर अतिरिक्त शेयर्स बाजार में आते हैं, जिससे वोलेटिलिटी बढ़ सकती है – अक्सर इनसाइडर्स की बिकवाली से दबाव बनता है और स्टॉक प्राइस नीचे की ओर जाने लगता है।
ज़ीरोधा का नया IPO लॉक-इन ट्रैकिंग फीचर: मुख्य हाइलाइट्स
ज़ीरोधा की लेटेस्ट अपडेट में IPO लॉक-इन टाइमलाइन्स को सीधे काइट पर इंटीग्रेट किया गया है, जो तिजोरी फाइनेंस से डेटा लेता है। ज़ीरोधा फाउंडर नीतिन कामत के अनुसार, अनलिस्टेड शेयर्स या ESOPs पर लॉक-इन एक्सपायरी स्टॉक प्राइस को काफी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि बिक्री योग्य सप्लाई बढ़ जाती है।
निवेशकों के लिए फायदे:
- संभावित प्राइस मूवमेंट्स से पहले अलर्ट रहें।
- पोस्ट-IPO स्टॉक्स में खरीदने, होल्ड करने या बेचने के बेहतर निर्णय लें।
- अलग-अलग सोर्स से मैनुअल ट्रैकिंग की जरूरत नहीं।
ज़ीरोधा काइट पर IPO लॉक-इन ट्रैकिंग कैसे यूज करें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
काइट वेब और मोबाइल ऐप दोनों पर यह फीचर इस्तेमाल करना आसान है:
- अपने ज़ीरोधा काइट अकाउंट में लॉगिन करें (kite.zerodha.com या ऐप)।
- मनचाहा स्टॉक सर्च करें (जैसे हाल ही में लिस्टेड IPO कंपनी)।
- स्टॉक की डिटेल पेज पर जाएं।
- फंडामेंटल्स टैब/विडगेट तक स्क्रॉल करें।
- इवेंट्स सेक्शन में देखें – यहां आने वाली IPO लॉक-इन एक्सपायरी डेट्स और डिटेल्स मिलेंगी।
यह इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म छोड़े बिना रीयल-टाइम जानकारी देता है। कई डीमैट अकाउंट्स में होल्डिंग्स के लिए भी डेटा स्टॉक-स्पेसिफिक है।
2026 के भारतीय शेयर बाजार में यह फीचर क्यों मायने रखता है
भारत में IPO पाइपलाइन जोरों पर है (जनवरी 2026 तक भी), ऐसे टूल्स रिटेल निवेशकों को सशक्त बनाते हैं। ज़ीरोधा काइट पर लगातार इनोवेशन कर रहा है, जो पहले से ही UPI से IPO अप्लाई, एडवांस्ड चार्टिंग आदि के लिए फेमस है।
चाहे ज़ीरोधा कंसोल से आने वाले IPOs के लिए अप्लाई करें या काइट पर लिस्टेड स्टॉक्स ट्रेड करें, यह लॉक-इन ट्रैकर वैल्यूएबल इनसाइट देता है।
यह नया टूल ज़ीरोधा को ट्रेडर-फ्रेंडली ब्रोकर के रूप में मजबूत करता है।
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FAQs
प्रश्न: क्या यह फीचर सभी ज़ीरोधा यूजर्स के लिए उपलब्ध है?
उत्तर: हां, काइट पर प्लेटफॉर्म-वाइड रोलआउट हो चुका है।
प्रश्न: क्या यह शेयरहोल्डर कोटा लॉक-इन कवर करता है?
उत्तर: मुख्य रूप से प्रमोटर, प्री-IPO और एंकर लॉक-इन, जो मार्केट सप्लाई प्रभावित करते हैं।
प्रश्न: डेटा कितना एक्यूरेट है?
उत्तर: टिजोरी जैसे रिलायबल सोर्स से, SEBI डिस्क्लोजर्स से मैच करता है।