Zerodha अप्रैल-मई तक GIFT IFSC के जरिए US स्टॉक्स में निवेश की सुविधा शुरू करने जा रहा है

भारतीय निवेशकों के लिए अच्छी खबर! देश की सबसे लोकप्रिय ब्रोकरेज फर्म Zerodha जल्द ही अपने यूजर्स को अमेरिकी शेयर बाजार में सीधे निवेश करने का मौका देने वाली है। Zerodha के वाइस प्रेसिडेंट सोमनाथ मुखर्जी ने हाल ही में मुंबई में आयोजित Global Securities Market Conclave (GSMC 2.0) में यह घोषणा की कि कंपनी अप्रैल या मई 2026 तक GIFT IFSC (Gujarat International Finance Tec-City – International Financial Services Centre) के माध्यम से US स्टॉक्स ट्रेडिंग शुरू कर देगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

पहले अमीर निवेशक वेल्थ मैनेजमेंट आर्म्स के जरिए US शेयरों जैसे Apple, Tesla, Amazon, Microsoft और NVIDIA में निवेश कर पाते थे। लेकिन रिटेल निवेशकों के लिए यह रास्ता जटिल और महंगा था। अब Zerodha जैसी प्लेटफॉर्म के आने से आम निवेशक भी आसानी से ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन कर सकेंगे।

सोमनाथ मुखर्जी ने कहा, “रिटेल निवेशकों के लिए अब सभी अंडे एक टोकरी में रखना उचित नहीं है। दुनिया जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसमें डाइवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी हो गया है।” उन्होंने जोर दिया कि Zerodha सिर्फ प्रोडक्ट नहीं, बल्कि कंप्लायंस सपोर्ट और लास्ट-माइल डिलीवरी भी प्रदान करेगा।

IFSCA लाइसेंस और नई व्यवस्था

2025 में IFSCA (International Financial Services Centres Authority) ने ऐसे लाइसेंस जारी किए जिनके जरिए भारतीय ब्रोकरेज फर्म ग्लोबल ब्रोकर्स के साथ पार्टनरशिप कर सकती हैं। Zerodha इस स्पेस को लंबे समय से ट्रैक कर रही थी, लेकिन कुछ रेगुलेटरी और ऑपरेशनल चुनौतियां थीं।

अब दो तरह की व्यवस्थाएं हैं:

  • Global Access Provider (GAP/GPA): जो डायरेक्ट विदेशी ब्रोकर के साथ संबंध रखता है और IFSCA से अधिकृत होना जरूरी है।
  • Introducing Broker: जो विदेशी ब्रोकर से डायरेक्ट संबंध नहीं रखता।

दोनों ही तरह के ब्रोकर रेफरल अरेंजमेंट के जरिए भारतीय निवेशकों को ऑनबोर्ड कर सकते हैं। GIFT City में निवेश LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत होगा, जिसमें प्रति वित्तीय वर्ष 2.5 लाख डॉलर (लगभग ₹2.3 करोड़) तक की लिमिट है। कई बैंक अब LRS रेमिटेंस को ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध करा रहे हैं।

Zerodha के प्लान की खासियतें

  • Kite ऐप के जरिए ही US स्टॉक्स ट्रेडिंग की सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे यूजर्स को नया प्लेटफॉर्म सीखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • कंपनी कंप्लायंस, एजुकेशन कंटेंट और निवेशकों को डाइवर्सिफिकेशन के फायदे समझाने पर फोकस कर रही है।
  • GIFT IFSC रूट के जरिए निवेश भारतीय डीमैट अकाउंट में ही हो सकता है, जिससे प्रोसेस सरल और पारदर्शी बनेगा।

रिटेल निवेशकों को क्या फायदा?

  1. ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन: भारतीय बाजार के जोखिम से बचाव और अमेरिकी टेक, हेल्थकेयर, कंज्यूमर सेक्टर में एक्सपोजर।
  2. आसान पहुंच: Zerodha जैसे यूजर-फ्रेंडली प्लेटफॉर्म से कम खर्च और बेहतर अनुभव।
  3. कंप्लायंस सपोर्ट: रेगुलेटरी नियमों का पालन आसानी से।
  4. शिक्षा और जागरूकता: Zerodha कंटेंट के जरिए निवेशकों को सही फैसला लेने में मदद करेगा।

Zerodha ने पहले भी US स्टॉक्स की सुविधा दी थी, लेकिन 2023 में RBI की रेमिटेंस पॉलिसी और रेगुलेटरी मुद्दों के कारण इसे रोक दिया गया था। अब GIFT IFSC के नए फ्रेमवर्क के साथ वापसी हो रही है, जो भारतीय रेगुलेटर्स के अधीन ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।

निवेशकों के लिए सलाह

US स्टॉक्स में निवेश आकर्षक है, लेकिन इसमें करेंसी रिस्क (डॉलर-रुपया), मार्केट वोलेटिलिटी और टैक्स इम्प्लिकेशन्स शामिल हैं। LRS लिमिट का ध्यान रखें और केवल वही राशि निवेश करें जो आप खोने का जोखिम उठा सकें। Zerodha की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें और अपडेट्स के लिए उनकी वेबसाइट या ऐप चेक करते रहें।

यह विकास भारतीय स्टॉक मार्केट को ग्लोबल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगर आप भी ग्लोबल पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं, तो Zerodha के इस नए ऑफर पर नजर रखें।

(नोट: निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।)

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